
- 2026 के आख़िर में होगा लॉन्च
- 10 लाख रुपए के अंदर हो सकती है इसकी क़ीमत
निसान भारत में एक बार फिर नई पारी की तैयारी कर रही है और इस वापसी की शुरुआत होगी नई निसान ग्रेवाइट से। यह सब-कॉम्पैक्ट एमपीवी वित्तीय साल 2026 के आख़िर तक भारतीय बाज़ार में लॉन्च की जाएगी और 10 लाख रुपए से कम सेग्मेंट में निसान की दूसरी कार होगी। ग्रेवाइट लगभग रेनो ट्राइबर की तरह ही होगी और उस प्राइस गैप को भरने की कोशिश करेगी, जो डैटसन ब्रैंड के बंद होने के बाद बना था। हालांकि, इस सेग्मेंट में पहले से ही कड़ी टक्कर है, ऐसे में ग्रेवाइट को सफ़ल बनाने के लिए निसान को कुछ अहम क़दम सही तरीक़े से उठाने होंगे।
1. ट्राइबर से अलग और दमदार डिज़ाइन
सब-कॉम्पैक्ट कार सेग्मेंट में डिज़ाइन बेहद अहम भूमिका निभाता है। ऐसे में निसान के लिए सबसे ज़रूरी होगा कि, ग्रेवाइट को रेनो ट्राइबर से बिल्कुल अलग पहचान दी जाए। इसके लिए कार का फ्रंट और रियर डिज़ाइन, हेडलैम्प-टेललैम्प पैटर्न और अलॉय वील्स अलग होने चाहिए। हालांकि, कार का साइज़ और बॉडी शेप ट्राइबर जैसा ही रहने की उम्मीद है, लेकिन अगर लुक्स में फ़र्क साफ दिखे तो, ग्राहक इसे अलग विकल्प के तौर पर देखेंगे। साथ ही, निसान को ब्राइट और यूनिक कलर ऑप्शन्स भी देने होंगे, ताकि दोनों गाड़ियां सड़क पर अलग-अलग नज़र आएं।

(एआई द्वारा बनाया गया तस्वीर)
2. फ़ीचर्स के मामले में हो ‘वन-अप’
निसान ग्रेवाइट को फ़ीचर्स के मामले में ट्राइबर से एक क़दम आगे रखना बेहद ज़रूरी होगा। मौजूदा ट्राइबर में ड्युअल डिजिटल स्क्रीन, वायरलेस चार्जर, यूएसबी-सी पोर्ट और सेकंड रो एसी वेंट्स जैसे फ़ीचर्स मिलते हैं। निसान यहां कनेक्टेड कार टेक्नोलॉजी, अलॉय वील्स और 360-डिग्री कैमरा जैसे सेग्मेंट-फेवरेट फ़ीचर्स जोड़कर बढ़त बना सकती है। ये फ़ीचर्स आज के ख़रीदारों को काफ़ी आकर्षित करते हैं।
3. सही क़ीमत और स्मार्ट वेरीएंट स्ट्रैटजी
क़ीमत ग्रेवाइट की सफलता में सबसे बड़ा फैक्टर साबित होगी। माना जा रहा है कि, निसान इसे ट्राइबर से थोड़ा महंगा रखेगी, लेकिन यह फ़र्क 40,000 रुपए से ज़्यादा नहीं होना चाहिए, ताकि कार प्रतिस्पर्धी बनी रहे। इसके अलावा, ट्राइबर में फ़िलहाल सिर्फ़ एक टॉप-एंड ऑटोमैटिक वेरीएंट मिलता है। निसान अगर लोअर या मिड-स्पेक ऑटोमैटिक वेरीएंट्स भी पेश करती है, तो यह ग्राहकों के लिए बड़ा प्लस पॉइंट साबित हो सकता है।
कुल मिलाकर, अगर निसान ग्रेवाइट अलग डिज़ाइन, ज़्यादा फ़ीचर्स और सही क़ीमत के साथ आती है, तो यह सब-10 लाख सेग्मेंट में निसान की मज़बूत वापसी का रास्ता खोल सकती है।
अनुवाद: गुलाब चौबे
















































