
भारतीय बाज़ार में ऐंट्री-लेवल एसयूवी सेग्मेंट काफ़ी तेज़ी से बढ़ रहा है और अब रेनो भी इस रेस में ज़ोरदार वापसी की तैयारी में है। कंपनी एक नहीं बल्कि दो कार्स के साथ डबल अटैक प्लान बना रही है, जिससे टाटा पंच और हुंडई एक्सटर को सीधी टक्कर मिलेगी।
नई जनरेशन मॉडल्स जल्द
रेनो ने कन्फ़र्म किया है कि, 2026 में रेनो काइगर और रेनो ट्राइबर की नई जनरेशन पेश की जाएगी। ये दोनों मॉडल्स कंपनी के नए आरजीईपी प्लेटफ़ॉर्म पर बेस्ड होंगे, जो ख़ास तौर पर 10 लाख से कम क़ीमत वाली कार्स के लिए तैयार किया गया है। यह प्लेटफ़ॉर्म पुराने CMF-A प्लेटफ़ॉर्म की जगह लेगा और इसमें ज़्यादा एड्वांस टेक्नोलॉजी, बड़े इंफ़ोटेन्मेंट स्क्रीन, और सॉफ्टवेयर बेस्ड फ़ंक्शन मिलेंगे।

इतना ही नहीं, इसमें अंडरबॉडी सीएनजी टैंक का भी ऑप्शन मिलेगा, जिससे बूट स्पेस पर असर नहीं पड़ेगा, जो भारतीय ग्राहकों के लिए काफ़ी बड़ा फ़ायदा है।
रेनो की नई रणनीति
नई जनरेशन रेनो काइगर और रेनो ट्राइबर के साथ रेनो इस सेग्मेंट में टू-कार स्ट्रैटेजी अपनाएगी। ट्राइबर पहले से ही 10 लाख रुपए से कम में आने वाली एकमात्र 7-सीटर एमपीवी के रूप में अपनी पहचान बना चुकी है, वहीं काइगर एक स्टाइलिश और पावरफुल एसयूवी के तौर पर जानी जाती है।
अब नए अपडेट्स के साथ ये दोनों मॉडल्स और ज़्यादा फ़ीचर-लोडेड बनेंगे, जिससे इनका मुक़ाबला पंच और एक्सटर से और मज़बूत हो जाएगा।

आगे क्या प्लान है?
रेनो की प्लानिंग यहीं नहीं रुकती। कंपनी 2027 में एक नई सब-कॉम्पैक्ट एसयूवी भी लॉन्च करेगी, जिसे फिलहाल रेनो ब्रिजर कॉन्सेप्ट के नाम से जाना जा रहा है।
यह मॉडल आगे चलकर किआ सोनेट, हुंडई वेन्यू, महिंद्रा XUV 3XO, मारुति सुज़ुकी ब्रेज़ा और टाटा नेक्सन जैसी कार्स को टक्कर देगा।
क्विड का क्या होगा?

इस पूरे बदलाव का एक असर रेनो क्विड पर भी पड़ेगा। कंपनी ने संकेत दिए हैं कि, क्विड को फ़िलहाल जारी रखा जाएगा, लेकिन नई जनरेशन मिलने की उम्मीद कम है। वजह साफ़ है कि, अब ग्राहक छोटी हैचबैक की जगह बड़ी और एसयूवी जैसी कार्स की तरफ़ ज़्यादा झुक रहे हैं।
भारत पर रेनो का बड़ा दांव
रेनो ने हाल ही में ऐलान किया है कि, वह 2030 तक भारत में 7 नई कार्स लॉन्च करेगी। इनमें से ऐंट्री-लेवल मॉडल्स आरजीईपी प्लेटफ़ॉर्म पर होंगे, जबकि बड़े मॉडल्स आरजीएमपी प्लेटफ़ॉर्म पर आधारित होंगे। कंपनी भारत को अपने टॉप 4 ग्लोबल मार्केट्स में शामिल करना चाहती है।

रेनो अब सिर्फ़ एक-एक मॉडल लॉन्च करने की बजाय पूरी स्ट्रैटेजी के साथ आगे बढ़ रही है। नई टेक्नोलॉजी, नए प्लेटफ़ॉर्म और डबल प्रॉडक्ट स्ट्रैटेजी के साथ कंपनी का फोकस ज़्यादा बिक्री और मज़बूत पकड़ पर है।

















































