
- E100 फ़्यूल से जुड़े रेगुलेटरी दस्तावेज़ों पर हुए हस्ताक्षर
- अगले 1-1.5 महीने में कई कंपनीज़ ला सकती हैं FFV मॉडल्स
- मारुति सुज़ुकी वैगन आर FFV बनी इस रेस की पहली कार
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने नागपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान E100 फ़्यूल से जुड़े अनुपालन और कानूनी मंज़ूरियों के दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर करने की जानकारी दी। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि, भारत में फ़्लेक्स फ़्यूल वीइकल्स (FFV) को बढ़ावा देने की दिशा में अहम कदम उठाए जा रहे हैं।

गडकरी ने बताया कि, मारुति सुज़ुकी ने हाल ही में वैगन आर FFV लॉन्च कर इस सेग्मेंट की शुरुआत की है। वहीं अब हुंडई, टोयोटा और एमजी भी अगले 1 से 1.5 महीने के भीतर अपने FFV मॉडल्स पेश कर सकती हैं। इसके अलावा, टाटा और महिंद्रा भी ऐसी कार्स पर काम कर रही हैं।
हालांकि, एथेनॉल की मौजूदा क़ीमत क़रीब 82 रुपए प्रति लीटर होने के कारण रनिंग कॉस्ट को लेकर कुछ सवाल भी बने हुए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक़, E85 जैसे हाई एथेनॉल ब्लेंड के इस्तेमाल से माइलेज में 25 से 30 प्रतिशत तक की गिरावट आ सकती है, जिससे प्रति किलोमीटर लागत बढ़ सकती है।
गडकरी ने यह भी बताया कि, भारत में वैकल्पिक ईंधन तकनीकों पर लगातार काम जारी है। इसी क्रम में टोयोटा मिराई हाइड्रोजन कार का पायलट प्रोजेक्ट चल रहा है, जबकि आईओसीएल और हुंडई मिलकर नेक्सो FCEV की व्यवहारिकता पर परीक्षण कर रहे हैं।

हालांकि, E100 और हाई एथेनॉल ब्लेंड्स के विस्तार से पहले E10 और E20 सपोर्ट वाली पुरानी कार्स की अनुकूलता एक अहम चुनौती बनी हुई है, जिस पर भविष्य में स्पष्ट नीति की आवश्यकता होगी।
अनुवाद: गुलाब चौबे
















































