
- देश की पहली मास-मार्केट फ़्लेक्स फ़्यूल कार
- E20 से E85 तक इथेनॉल ब्लेंड पर चलने में सक्षम
देश में वैकल्पिक ईंधन को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए मारुति सुज़ुकी ने भारत में नई वैगन आर फ़्लेक्स फ़्यूल पेश कर दी है। यह भारत की पहली मास-मार्केट पैसेंजर कार है, जो E20 से लेकर E85 तक इथेनॉल-पेट्रोल मिश्रण पर चल सकती है। इस कार्यक्रम में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी भी मौजूद रहे। फ़िलहाल कंपनी ने इसकी क़ीमतों का ख़ुलासा नहीं किया है।
नई वैगन आर फ़्लेक्स फ़्यूल को पहली बार 2024 भारत मोबिलिटी एक्सपो में शोकेस किया गया था। अब इसे प्रोडक्शन मॉडल के तौर पर पेश कर दिया गया है। इस कार के पेट्रोल इंजन को विशेष रूप से इस तरह तैयार किया गया है कि, यह अलग-अलग इथेनॉल ब्लेंड पर आसानी से काम कर सके।
E20 का मतलब है 20 प्रतिशत इथेनॉल और 80 प्रतिशत पेट्रोल का मिश्रण, जबकि E85 में 85 प्रतिशत इथेनॉल और सिर्फ़ 15 प्रतिशत पेट्रोल होता है। इससे पारंपरिक पेट्रोल पर निर्भरता कम करने और प्रदूषण घटाने में मदद मिल सकती है।

हालांकि, फ़्लेक्स फ़्यूल वाहनों के सामने सबसे बड़ी चुनौती अभी इथेनॉल फ़्यूल स्टेशनों की उपलब्धता है। मौजूदा समय में ऐसे फ़्यूल पंप मुख्य रूप से दिल्ली-एनसीआर और मुंबई-नागपुर कॉरिडोर में सीमित संख्या में मौजूद हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक़ देशभर में अभी लगभग 50 से 100 फ़्लेक्स फ़्यूल आउटलेट्स ही उपलब्ध हैं।
सरकार का लक्ष्य 2027 तक देशभर में करीब 5,000 इथेनॉल फ़्यूल स्टेशन स्थापित करने का है। यदि यह योजना सफल होती है, तो फ़्लेक्स फ़्यूल वीइकल्स की स्वीकार्यता और उपयोगिता दोनों में बड़ा इज़ाफ़ा देखने को मिल सकता है।
बढ़ती तेल क़ीमतों, ईंधन आयात पर निर्भरता और पर्यावरणीय चुनौतियों के बीच वैगन आर फ़्लेक्स फ़्यूल भारतीय ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री के लिए एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। आने वाले समय में मारुति के अलावा, अन्य कंपनीज़ भी इस तकनीक को अपनाती हुई नज़र आ सकती हैं।
















































