
- बिक्री के लिए महिंद्रा के पास एकमात्र एमपीवी मॉडल था उपलब्ध
- साल 2018 में पहली बार हुआ था पेश
महिंद्रा ने अपने सबसे कम बिकने वाले मॉडल मराजो को अपनी आधिकारिक वेबसाइट से हटा दिया है। कंपनी के पास बिक्री के लिए यह एकमात्र एमपीवी मॉडल था। यह एक तील-रो वाला वीइकल था, जिसे सात साल के बाद अब कंपनी ने अपनी कार्स की रेंज से बाहर कर दिया है। आपको बता दें कि साल 2018 में इसे पहली बार पेश किया गया था, जिसमें अभी तक कोई अपडेट नहीं किया गया।

महिंद्रा मराजो को 9.99 लाख रुपए (एक्स-शोरूम) की शुरुआती क़ीमत के साथ लॉन्च किया गया था, जिसके टॉप-स्पेक वर्ज़न की (एक्स-शोरूम) क़ीमत 13.90 लाख रुपए रखी गई थी।
इसके लॉन्च के समय कंपनी ने हर महीने औसतन 5,000 यूनिट्स की बिक्री करने का लक्ष्य निर्धारित किया था, लेकिन ग्राहकों की ओर से इस मॉडल को उतना रिस्पॉन्स नहीं मिल सका। ऐसे में अगर हम इस मॉडल की बीते साल जून से वार्षिक बिक्री के आंकड़े को देखें, तो पाएंगे कि कंपनी ने इस एमपीवी के हर महीने औसतन 55 से 60 यूनिट्स ही बेंचे हैं।

गौरतलब है कि लॉन्च के समय मराजो केवल मैनुअल गियरबॉक्स के साथ बाज़ार में उतारी गई थी, जिसके बाद से लगातार इस बात के कयास लगाए जा रहे थे कि जल्द ही इसका ऑटोमैटिक वर्ज़न भी लाया जा सकता है, लेकिन कंपनी ने इसका ऑटोमैटिक मॉडल नहीं पेश किया, जिसके बाद ग्राहकों के पास केवल मैनुअल गियरबॉक्स का ही विकल्प बचा, शायद ख़रीदारों को अपनी ओर आकर्षित ना कर पाने की यह भी एक बड़ी वज़ह हो सकती है।
जबकि मैकेनिकली तौर पर अपडेटेड BS6 मराज़ो 1.5-लीटर वाले डीज़ल इंजन से लैस है, जो 121bhp का पावर और 300Nm का टॉर्क प्रोड्यूस करने में सक्षम है। इसे छह-स्पीड वाले मैनुअल गियरबॉक्स के साथ जोड़ा गया था। इस मॉडल वेबसाइट से हटाते समय इसकी क़ीमत 14.39 लाख से 16.80 लाख रुपए (एक्स-शोरूम) थी।
अनुवाद - शोभित शुक्ला

















































