
हुंडई इंडिया अब सिर्फ़ मिड-रेंज गाड़ियों तक सीमित नहीं रहना चाहती। पिछले एक दशक में कंपनी ने क्रेटा, वेन्यू और अल्काज़ार जैसे मॉडल्स के ज़रिए भारतीय बाज़ार में मज़बूत पकड़ बनाई है। अब कंपनी का फ़ोकस प्रीमियम सेग्मेंट में अपनी पहचान बनाने का है। आने वाले समय में हुंडई अपनी लग्ज़री ब्रैंड जेनेसिस को भारत में लॉन्च करेगी और इसके साथ ही बड़ी और ज़्यादा एड्वांस एसयूवीज़ को भी लाएगी।
प्रीमियम सेग्मेंट में क़दम

हुंडई की इस नई रणनीति का पहला क़दम नई जनरेशन सैंटा फ़े होगा। यह एसयूवी भारत में टोयोटा फ़ॉर्च्यूनर, स्कोडा कोडिएक, फ़ॉक्सवैगन टिग्वान और आने वाली होंडा सीआर-वी हाइब्रिड जैसी कार्स से मुक़ाबला करेगी। नई सैंटा फ़े में दमदार डिज़ाइन, हाइब्रिड इंजन और कई हाई-टेक फ़ीचर्स मिलने की उम्मीद है, जो कि हुंडई की सबसे बड़ी ताकत भी है।

सैंटा फ़े उन ख़रीदारों को भी अपनी तरफ़ खींच सकती है, जो बीएमडब्ल्यू X1, मर्सिडीज़-बेंज़ GLA या ऑडी Q3 जैसी लग्ज़री एसयूवी देख रहे हैं, लेकिन थोड़ा ज़्यादा वैल्यू चाहते हैं।
और भी प्रीमियम मॉडल्स की तैयारी

हुंडई आने वाले सालों में और भी हाई-एंड मॉडल्स लाने की तैयारी में है। इनमें बड़ी और प्रीमियम पैलिसेड एसयूवी और इलेक्ट्रिक फ़्लैगशिप आयनिक 9 शामिल होंगी। हाल ही में आयनिक 9 को 2025 भारत मोबिलिटी एक्सपो में शोकेस किया गया था, जो कंपनी की ईवी स्ट्रेटेजी को और मज़बूत करता है।
जेनेसिस: लग्ज़री की नई परिभाषा

हुंडई की सबसे बड़ी छलांग होगी जेनेसिस ब्रैंड का भारत में आना। यह पूरी तरह अलग पहचान के साथ लॉन्च होगा, जिसके लिए अलग शोरूम और ब्रैंड अनुभव तैयार किया जाएगा। इसमें GV70 और GV80 जैसी लग्ज़री एसयूवी शामिल होंगी, जो सीधे मर्सिडीज़ GLC, बीएमडब्ल्यू X3 और ऑडी Q5 को टक्कर देंगी। ख़ास बात यह है कि भारत पहला राइट-हैंड-ड्राइव बाज़ार होगा, जहां जेनेसिस मॉडल्स की लोकल असेंबली की जाएगी, जिससे क़ीमतें भी ठीक-ठाक रहेंगी।
2030 तक 26 नए मॉडल्स

हुंडई ने अपने पहले इन्वेस्टर डे इवेंट में यह घोषणा की है कि, कंपनी 2030 तक 26 नए मॉडल्स भारत में लॉन्च करेगी। इसमें एसयूवी, एमपीवी, ऑफ़-रोड मॉडल्स और जेनेसिस ब्रैंड की गाड़ियां शामिल होंगी। इस लाइनअप की शुरुआत हो चुकी है नई जनरेशन हुंडई वेन्यू से, जो 4 नवंबर 2025 को लॉन्च हुई।
अनुवाद: गुलाब चौबे



















































